Home दिल्ली आरक्षण बिल पास को मंजूरी को लेकर चर्चा

आरक्षण बिल पास को मंजूरी को लेकर चर्चा

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जेडीयू सांसद आरसीपी सिंह ने कहा कि निजी क्षेत्र और न्यायपालिका में भी आरक्षण लागू की जाए.
 बीजू जनता दल ने भी बिल का किया समर्थन, लेकिन सरकार की हड़बड़ी पर उठाए सवाल.
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा में आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि नोटबंदी सबसे बड़ी तबाही है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण पर बीजेपी कभी बात क्यों नहीं करती? बीजेपी इस पर बिल क्यों नहीं लाती?
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि पहले कानून बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया का पालन होता था, अब बिल को लाने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल किया गया.
राज्यसभा में बहस के दौरान AIADMK ने सवर्णों को 10% आरक्षण का विरोध किया.
 आरक्षण बिल पर सपा नेता रामगोपाल यादव:
सपा नेता रामगोपाल ने कहा कि 98 फीसदी गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण और 2 प्रतिशत अमीर लोगों को 40 फीसदी आरक्षण देने की बात को जरा समझाइए. अगर आप समता के अधिकार की बात करते हैं तो बताइए कहां है समता अधिकार?
 रामगोपाल यादव ने कहा कि मोदी सरकार में ईमानदारी नहीं है. अगर आप सवर्ण गरीबों की वास्तव में भलाई चाहते तो इस बिल को कभी भी ला सकते थे. मगर आपका निशाना सिर्फ और सिर्फ 2019 का लोकसभा चुनाव है.
राम गोपाल यादव ने कहा कि हम आर्थिक आधार पर आरक्षण के पक्ष में हैं, हम इस बिल के साथ में हैं.
 आरक्षण बिल पर राज्यसभा में बहस के दौरा सपा नेता डॉ. रामगोपाल यादव ने कहा ऊंच-नीच की भावना बदलनी होगी.
 आनंद शर्मा ने कहा कि पहले कुछ नहीं हुआ, सब अभी हो रहा है, यह कहना गलत है. पहले कुछ नहीं हो तो आप क्या लेकर आए थे. देश के लोगों को कई आश्वासन दिए गये थे 2014 में. सबका साथ-सबका विकास कहा गया. देश के लोगों से 2014 में कई वादे किए गए थे, मगर क्या हुआ….
आनंद शर्मा ने कहा कि आखिर संसद सत्र के आखिरी समय में यह क्यों लाया गया. चुनाव से ठीक पहले इस बिल को लाने से कई सवाल उठ रहे है. टीम इंडिया तो ऑस्ट्रेलिया में जीत गई, मगर बीजेपी तो 5-0 से मैच हार गई.
 आरक्षण के इतिहास को समझने की जरूरत: कांग्रेस नेता आनंद शर्मा
आरक्षण बिल पर कांग्रेस की ओर से आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार का कहना है कि सामान्य वर्ग के गरीबों को भी आरक्षण मिलना चाहिए मगर इसके लिए हमें आरक्षण के इतिहास को समझना चाहिए. आरक्षण उनके लिए लाया गया था जिनके साथ ऐतिहासिक अन्याय हुआ, जिनके साथ सामाजिक अन्याय हुआ. उनके संरक्षण के तौर पर आरक्षण को लाया गया था.
 आरक्षण बिल पर भाजपा सांसद प्रभात झा
भाजपा सांसद प्रभात झा ने कहा कि यह बिल देश की 95 फीसदी जनता की आवाज है क्योंकि इस बिल से देश की 95 फीसदी जनता को लाभ होगा. मेरे कांग्रेस के मित्रों आज तो दिल खोलकर दिखा दो कि भारतीय राजनीति उदारता की राजनीति है. इसे सिर्फ मोदी जी से जोड़कर मत देखो. उन्होंने आगे कहा कि विचारधारा के नाम पर विरोध तो हमेशा चलता रहेगा, मगर लोगों के विकास के लिए तो सबको एक साथ आना चाहिए.
 आरक्षण बिल पर राज्यसभा में बहस:
आरक्षण बिल पर विपक्ष का टोका-टोकी जारी. एक टिप्पणी को लेकर विपक्ष कर रहा हंगामा.
 नागरिकता संशोधन बिल पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में दिया जवाब:
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज असम समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में स्थिति सामान्य है और वहां शांति के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे. जरूरी हुआ तो पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक भी की जाएगी. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार में पूर्वोत्तर राज्यों में विकास काफी तेज हुआ है. उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल पर कुछ गलत बातें फैलाई जा रही हैं जो कि गलत हैं. यह तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के लिए लेकर आए हैं और यह सिर्फ असम के लिए नहीं है बल्कि पूरे देश के लिए है.
 राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर से शुरू हो गई है. नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा कर रहे हैं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह.
 प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग:
कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने एनडीटीवी से कहा कि ‘ हम प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की रामविलास पासवान की मांग का समर्थन करते हैं. बता दें कि रामविलास पासवान ने कहा है कि देश में नौकरियों की कमी है, इसलिए प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग की है.
 आर्थिक आधार पर आरक्षण बिल को लेकर राज्यसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित
 राज्यसभा में राजद नेता मनोज झा ने कहा कि यह मध्य रात्री की डकैती है. संविधान की मूल ढांचे के साथ छेड़छाड़ हो रही है.
 राज्यसभा में आर्थिक आधार पर आरक्षण का बिल पास होते ही विपक्ष जमकर हंगामा कर रहा है. सरकार की ओर से थावरचंद गहलोत जहां इसका जवाब दे रहे हैं, वहीं विपक्ष इस पर हंगामा कर रहा है.
 राज्यसभा में पेश किया गया आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण का बिल
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में टीएमसी सांसद सुखेन्दु शेखर राय ने राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन बढ़ाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सदस्यों को पहले से इसकी जानकारी नहीं दी गई.
 आज राज्यसभा में:
संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन यानी आज आर्थिक आधार पर आरक्षण से जुड़ा 124वां संविधान संशोधन बिल पेश किया जाएगा. साथ ही राज्यसभा के एजेंडे में तीन तलाक बिल और नागरिकता संशोधन बिल भी शामिल है, जिसे लोकसभा में पहले पास कराया जा चुका है.
 राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन बढ़ाने के लिए विपक्ष हंगामा कर रहा है और कांग्रेस यह आरोप लगा रही है कि सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए एक दिन का सत्र बढ़ाया गया है.
 राज्यसभा में राफेल के मुद्दे पर हंगामा, अरुण जेटली ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया.
 आर्थिक आधार पर आरक्षण पर आज राज्यसभा में दोपहर दो बजे चर्चा होगी.
 राज्यसभा में लिटमस टेस्ट:
आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए विधेयक के समय पर राज्यसभा में विपक्षी पार्टियां बुधवार को सवाल उठा सकती हैं. सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विपक्षी पार्टियों ने अपने सभी सदस्यों से बुधवार को राज्यसभा में मौजूद रहने के लिए कहा है. राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है. मंगलवार को लोकसभा में पेश किए गए आरक्षण विधेयक का लगभग सभी पार्टियों ने समर्थन किया, लेकिन राज्यसभा में विपक्षी पार्टियां इस पर कड़ा रुख अपना सकती हैं.
 लोकसभा में बिल पास
सामाजिक कल्याण मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक 2019 को भारी बहुमत से पास किया है. उम्मीद है कि राज्यसभा भी भारी बहुमत से पारित करेगी. सभी दलों और सांसद ऐसा सामान्य वर्ग जो गरीब जीवन बिताता है उसे भी आर्थिक और शैक्षणिक लाभ मिले, ऐसी मांग करती रही है. ये बिल जल्दबाजी में नहीं लाया गया. इस विषय में मंडल कमिशन ने भी अपना प्रतिवेदन दिया था और कहा था ऐसे वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिले. उसके बाद सिन्हो कमिशन ने भी ऐसा प्रतिवेदन दिया था.

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