Home शहर समाचार नागपुर चुनावी रकम पर आयकर विभाग की नजर

चुनावी रकम पर आयकर विभाग की नजर

5
0
SHARE

नागपुर. चुनावों में बड़े पैमाने पर धन का उपयोग जग जाहिर है. संभवत: पहली बार चुनाव आयोग ने प्रत्येक जिले में आयकर अधिकारियों को काम पर लगाया है. काले धन के उपयोग पर पाबंदी लगाने के उद्देश्य से टीम बनाकर कार्य करने को कहा गया है ताकि बड़े लेन-देन, कैश परिवहन पर नजर रखी जा सके. निर्वाचन आयोग के इस पहल की जानकारी बाजार में फैलते ही व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया है. बड़े संगठन रकम को कैसे सुरक्षित भेजना इसकी जानकारी भी वाटसएप पर देने लगे हैं.

उपनिदेशक आयकर विभाग (अन्वेषण) अर्जुन माणिक ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने आम चुनाव-2019 के दौरान काले धन के उपयोग पर पाबंदी लगाने हेतु आयकर विभाग के अन्‍वेषण से सेवा देने की मांग की है. इस संबंध में कार्यालय प्रधान आयकर निदेशक (अन्‍वेषण) जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रधान आयकर निदेशक (अन्‍वेषण) के क्षेत्राधिकार (विदर्भ एवं मराठवाड़ा) के भीतर आने वाली नकद और कीमती वस्‍तुओं तथा चुनावों को प्रभावित करने वाली गैर-कानूनी गति‍विधियों पर सख्‍ती से नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि आयकर कानूनों के अंतर्गत अपराधियों के विरुद्ध आवश्‍यक कार्रवाई भी की जाएगी. उपरोक्‍त को मद्देनजर रखते हुए प्रधान आयकर निदेशक (अन्‍वेषण) के कार्यालय में एक 24×7 नियंत्रण कक्ष स्‍थापित किया गया है. काले धन का उपयोग चुनावी उद्देश्‍य हेतु करने संबंधी शिकायत, जानकारी टोल फ्री नं. 1800-233-3785 पर दी जा सकती है. वाट्सएप के माध्‍यम से मोबाइल नंबर- 9403391664 पर भी जानकारी दी जा सकती है. कार्यालय में एक 24×7 फैक्‍स नंबर 0712-2525844 काले धन के उपयोग संबंधी जानकारी देने हेतु स्‍थापित किया गया है.

स्‍वतंत्र एवं निष्‍पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने तथा चुनाव के दौरान काले धन के उपयोग पर पाबंदी लगाने हेतु कदम उठाए गए हैं. आम जनता से अनुरोध किया गया है कि काले धन, नकदी, सोना-चांदी या अन्‍य कीमती वस्‍तुओं इत्‍यादि के संग्रहण और वितरण संबंधी किसी भी जानकारी की सूचना उक्त नंबरों पर दी जा सकती है.

बाजार में हलचल तेज
नोटबंदी के बाद भी व्यापार में बड़े पैमाने पर नकदी का उपयोग होता ही है. यह परंपरा पहले से है, जो आज भी बदस्तूर जारी है. जैसे ही बाजार में आयकर विभाग की नई पहल की जानकारी पहुंची, लोगों ने वाट्सएप पर मैसेज डालने शुरू कर दिए. मैसेज में संदेश दिया जा रहा है कि कैसे बड़े लेन-देन के रिस्क को कम किजा जा सकता है. अगर कोई भी बड़ी राशि को भेजता है, तो उसका पुख्ता हिसाब रखा जाए. बैंक में भेजते समय पे इन स्लिप भरकर भेजे ताकि पता चल सके कि रकम किसकी है. रकम को बांट कर टुकड़ों में भेजे ताकि दिक्कतों का सामना न करना पड़े. अगर बड़ी राशि पकड़ी जाती है और उसका जवाब सही नहीं मिलता है, तो फंसने की संभावना बढ़ जाएगी. पुलिस विभाग अलग से कार्रवाई कर सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here