Home शहर समाचार नागपुर सावनेर नप में 36 लाख का घोटाला

सावनेर नप में 36 लाख का घोटाला

104
0
SHARE

सावनेर. सावनेर नप के निर्माण विभाग में विकास शुल्क इमारत, निर्माण अनुमति शुल्क, प्लाट विकास शुल्क, गुंठेवारी व अनामत सुरक्षा राशि व निविदा फार्म की वसूली में बड़े पैमाने पर घोटाला होने से सावनेर नप में हुए 34 लाख के घोटाले पर कांग्रेस के नगरसेवक व गटनेता सुनील चापेकर के नेतृत्व में नगरसेवक दीपक बसवार, नीलेश पटे, पप्पू झाडे, शफीक सैय्यद, एड. युवराज बागडे में पत्रपरिषद में सत्तापक्ष पर तिखा प्रहार किया. पत्र परिषद में बताया कि इस मामले में सफाई कामगार संजय वागमारे पर कारवाई की गई है लेकिन इस प्रकरण में और भी लोग शामिल है व इसकी कड़ी जांच होनी चाहिए व जिस विभाग में यह घोटाला हुआ उस विभाग के प्रमुख को जांच समिति प्रमुख बनाया यह कैसी जांच है व सबसे बड़ा विषय सफाई कामगार को बगैर किसी आदेश के लिपिक बनाकर राशि वसूलने का कार्य उचित था क्या. एक वर्ष से ज्यादा समय से बोगस रसीद बुक का उपयोग कर 34 लाख जनता की राशि को हड़पा गया लेकिन सत्ता पक्ष ने कभी इसकी जानकारी नहीं ली. संजय वाघमारे को इससे पहले शौचालय निर्माण घोटाले में गैरव्यवहार होने का निर्दशन में आने के बावजूद सत्तापक्ष द्वारा कोई कार्रवाई न कर इस मामले पर ध्यान न देने से उसके बाद निर्माण विभाग में बड़ा मामला सामने आया. इस घोटाले की विभागीय जांच निष्पक्ष होने से इस घोटाले में और नाम जुड़ेंगे. सत्तापक्ष राजकीय दबाव का उपयोग कर यह मामला एक कर्मचारी पर थोपने का कार्य कर रहे हैं. दोषियों पर कार्रवाई की मांग कांग्रेस नगरसेवकों ने पत्र परिषद में की है.

 

नप अध्यक्ष रेखा मोवाड़े ने कहा कि यह मामला जिस मुख्याधिकारी के कार्यकाल में हुआ उस समय से मैने 1 मार्च 2018 को मुख्याधिकारी को पत्र देकर शहर मे सफाई कामगार कम रहने से सफाई कामगारों को उनके कार्यस्थल पर भेजने को कहा था लेकीन नहीं भेजा गया व लिपिक के कार्य में जानबूझकर लगाए रखा वहीं 13 जुलाई 2018 को मुख्याधिकारी द्वारा पत्र क्र. 351 एक आदेश में जबरन सफाई कर्मी को लिपिक का शब्द लगाया गया व इसकी भी शिकायत नगरसेविका नलिनी नारेकर ने मुख्यमंत्री तथा प्रशासन से की गई. सफाई कामगर को लिपिक कार्य में लगाए रखा व पिछले कुछ माह से जब बोगस रसीद सामने आयी व उसकी शिकायतें भी की गई व इस घोटाले को उजागर भी हमने ही किया व जिलाधिकारी से लेकर उच्चस्तर तक कड़ाई से जांच की मांग की ताकि दूध का दूध व पानी का पानी हो जाए व सावनेर नप में एक और बड़ा घोटाला शीघ्र ही उजागर होगा. इस घोटाले में भी बड़ी मछलियां बेनकाब होगी व जनता की गाढ़ी कमाई को डकारने वालों तथा उसको सहयोग करने वालों पर कार्रवाई होगी. किसी भी स्तर पर उन्हें बख्सा नहीं जाएगा.

 

नप निर्माण विभाग में हुये घोटाले में आरोपी नप सफाईकर्मी संजय वाघमारे ने मुख्याधिकारी को दिये स्पष्टीकरण में कहा गया कि मैं सफाई कर्मचारी के पद पर हूं व मैंने कोई भी पैसों का व्यवहार नहीं किया. मुझ पर लगाए गये आरोप बेबुनियाद है. सफाई के बाद मुझे संबंधित विभाग द्वारा निर्माण विभाग में बुलाकर रसीद बुक से रसीद फाड़ने का कार्य दिया जाता था लेकिन मैंने कभी रकम वसूल नहीं की व निर्देशानुसार कार्यालय में कार्य करता था. मुझे विश्वास में न लेकर मुझ पर आरोप लगाकर कार्रवाई की गई व मुझे इस मामले में बली का बकारा बनाया गया व इस मामले की जांच करने को कहा गया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here