Home विदर्भ गोंदिया प्रशासन पर हावी रेती तस्कर

प्रशासन पर हावी रेती तस्कर

19
0
SHARE

गोंदिया. रेती तस्करी में यह जिला सतत सुर्खियों पर ही रहा है. एक के बाद एक अनेक गंभीर प्रकरण सामने आते रहे हैं लेकिन अभी तिरोडा तहसील के घाटकुरोड़ा के पास स्थित ग्राम बिरोली रेती घाट से रेती ढुलाई करते 4 ट्रैक्टरों सहित 1 करोड़ रु. की सामग्री तिरोडा के तहसीलदार की अगुवाई में जब्त की गई. जब्तीनामा बनाकर जब ट्रैक्टर ले जाए जा रहे थे, तब एक मालिक अपना ट्रैक्टर ले भागा. यही नहीं पकड़े गए 3 आरोपियों ने तहसीलदार को न केवल तलवार से धमकाया बल्कि पत्थरों से वाहन की तोडफोड़ का भी प्रयास किया. तीनों आरोपी जेल भेज दिए गए. लेकिन यह घटना तस्करों की बेखौफ संचालित हो रही गुंडागर्दी का संकेत देने वाली है. इसी तरह 7 जनवरी को तुमसर तिरोडा रोड स्थित नवेगांव (मुंडीकोटा) घाट पर अवैध उत्खनन कर ले जाए जा रहे ट्रैक्टर को अधिकारियों ने कब्जे में लिया और जब उसे तहसील कार्यालय लाया जा रहा था तब आरोपी ने अधिकारियों को घातक धमकियां दी और बलपूर्वक जब्त ट्रैक्टर को लेकर भाग गया. ऐसे मामलों में यदि सख्ती नहीं बरती गई तो, घातक परिणामों की प्रबल संभावनाओं से कैसे इंकार किया जा सकेगा. ऐसे में दहशत मुक्त होकर शासकीय यंत्रणा किस तरह अपने कार्यों को अंजाम दे पाएगी?

पेड़ों की संवर्धन राशि के खर्च का नियोजन हो पाया
सारस के जिले के रुप में इस जिले की पहचान स्थापित है और सारस की संख्या पढ़ाने की दिशा में जब प्रयास किए गए तब यह महसूस किया गया कि यदि जिले को पक्षियों के लिए अनुकुल बनाना है तो पेड़ों का संवर्धन करना ही होगा, और इसे ध्यान में रखकर पेड़ों के संवर्धन के लिए प्रत्येक को 1 हजार रु. प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय किया गया और पहले ही वर्ष में जिला नियोजन समिति के माध्यम से इसके लिए 3 करोड़ रु. मंजूर किए गए . इस संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग के पास पहले ही वर्ष 2,79,60,000 रु. बिना खर्च के पड़े रह गए. ऐसा भी पता चला है कि इतनी बड़ी राशि को पेड़ों के संवर्धन के लिए ऐसे खर्च करने इसका नियोजन भी वन विभाग नहीं कर पाया. अब चालू सत्र में इस संदर्भ की तस्वीर क्या होगी, उसका पता आने वाले दिनों में ही चल पाएगा.

श्मशान भूमि का सौंदर्यीकरण, सराहनीय निर्णय
जन सुविधाओं को लेकर प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रकार के विकास कार्य किए जाते है लेकिन इस संदर्भ में गोरेगांव नगर पंचायत द्वारा अन्य विकास कार्यों के अलावा वहां चार श्मशान भूमियों में पांगोली नदी के पास, हलबीटोला, मुस्लिम कब्रस्तान व चंद्रपुरटोली श्मशान भूमि का कायापलट करने 25 लाख रु. का प्रावधान कर वहां गट्टू लगाने व सुरक्षा दीवार तैयार करने का निर्णय किया गया है. श्मशान परिसर में पहुंचने के बाद यदि व्यवस्था सुविधाजनक नहीं रहती है तो उपस्थितों को असुविधा भुगतनी पडती है. उस संदर्भ में गोरेगांव नपं के प्रयास निश्चित ही सराहनीय हैं.

योजनाओं में जिले का कीर्तिमान
शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन कर कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में जिला किसी से पीछे नहीं है. अब गोवर रुबेला अभियान में जिला अब तक 50 प्रश. टीकाकरण के साथ राज्य में दूसरे क्रमांक पर है. जिले की आठ तहसीलों में सड़क अर्जुनी में सर्वाधिक 53.98 टीकाकरण किया जा चुका है. सड़क अर्जुनी के अलावा सालेकसा 50.37, देवरी 50.46, आमगांव 51.47, गोंदिया ग्रामीण 49.40, तिरोड़ा ग्रामीण 48.48, अर्जुनी मोरगांव 47.88, तिरोड़ा शहर 63.44, गोरेगांव 43.05 व सबसे कम गोंदिया शहर में 41.27 प्रश टीकाकरण हुआ है. यही नहीं मत्स्य बीज के उत्पादन में लगभग 25 करोड़ की निर्मिती के साथ जिले ने चालू वर्ष में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here