Home शहर समाचार नागपुर हमारे लिए सिर्फ अच्छा सुनकर अच्छा लगा : CP

हमारे लिए सिर्फ अच्छा सुनकर अच्छा लगा : CP

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नागपुर. अपने 29 वर्ष के करिअर में पहली बार पुलिस के बारे में सिर्फ अच्छा सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा. वरना अक्सर अच्छाई कम और बुराई अधिक गिनाई जाती रही है. शहर पुलिस आयुक्त डा. बीके उपाध्याय ने यह बात चोरों से बरामद मुद्देमाल फिर्यादियों को लौटाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कही. शहर पुलिस द्वारा पहली बार एक साथ 221 फिर्यादियों को कुल 84,51,226 रुपये के सोने-चांदी के गहने, गलाया जा चुका सोना, गाड़ियां और मोबाइल लौटाये गए. चोरी गया अपना सामान वापस पाने वाले सभी फिर्यादियों ने पुलिस के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की. इसी प्रशंसा के जवाब में सीपी डा. उपाध्याय बोल रहे थे.

पुलिस आयुक्त कार्यालय के प्रागंण में आयोजित कार्यक्रम में जोन 1 में 27 फिर्यादियों के 27 मुद्देमाल जिसकी कीमत 6,59,524 रुपये, जोन 2 में 45 फिर्यादियों के 12,20,230 रुपये के 45 सामान, जोन 3 में 42 फिर्यादियों के 35,79,884 रुपये के 53 सामान, जोन 4 में 32 फिर्यादियों के 10,25,573 लाख रुपये के 55 सामान, जोन 5 में 38 फिर्यादियों के 14,72,167 लाख रुपये के 38 सामान और साइबर सेल के तहत 37 फिर्यादियों के 4,93,584 रुपये के 37 मोबाइल लौटाये गए.

हर 3 महीनों में हर थाने में होगा कार्यक्रम
सीपी उपाध्याय ने कहा कि शहर पुलिस में पहली बार इस प्रकार का उपक्रम शुरू किया जा रहा है क्योंकि हम फिर्यादियों की तकलीफ समझते हैं. इसलिए अब हर 3 महीनों में शहर के हर थाने में इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा जिसमें चोरों से बरामद सामान को कोर्ट से छुड़वाकर फिर्यादियों के सुपुर्द किया जायेगा.

12 वर्ष बाद ब्याज सहित वापस मिला सोना
जिला परिषद शिक्षिका शिवनगर निवासी आशा गोहाने ने बताया कि 5 मई 2006 को चेन स्नैचर ने उनका मंगलसूत्र छीन लिया था तब इसकी कीमत 42,000 रुपये थी. आज 12 वर्ष के बाद शहर पुलिस के चलते मुझे ब्याज सहित वापस मिल रहा है. आज इस सोने की कीमत 1.20 लाख रुपये है. इसके अलावा अय्यर नामक एक वृद्ध नागरिक ने भी शहर पुलिस के प्रयासों की दिल खोलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि हमारे यहां जब चोरी हुई, हमने जैसे ही पुलिस को सूचित किया तो मात्र 5 मिनट के भीतर ही 15 से 20 पुलिसकर्मी हमारे घर पहुंच गये. उस क्षण हमें चोरी गये सामान का ख्याल नहीं रहा. शहर पुलिस के इस तेज सहयोग ने हिम्मत बंधाई और लगा कि हमारी मेहनत की कमाई जरूर लौटेगी. आज वही हो रहा है.

… जब मेरी शादी की अंगूठी हुई चोरी : DCP पोद्दार
कार्यक्रम में मौजूद डीसीपी हर्ष पोद्दार ने भी अपना एक अनुभव बांटा. उन्होंने बताया कि पीठ दर्द के चलते एक बार मुझे एमआरआई करवाना पड़ा था. एमआरआई के दौरान मैंने अपनी शादी की अंगूठी डाक्टर को दी जो उन्होंने टेबल के ड्रावर में रख दी. वह अंगूठी वहां से चोरी हो गई. मुझे बहुत बुरा लगा क्योंकि उस अंगूठी से मेरी भावनायें जुड़ी हुई थी. बात कीमत की नहीं, भावनाओं की थी. हालांकि 30 मिनट में ही चोर का पता लग गया और अंगूठी भी मिल गई, लेकिन इस घटना में मुझे फिर्यादियों की तकलीफ से रूबरू जरूर करा दिया. इसलिए हमने चोरी के मामलों को खासतौर पर सुलझाने का निर्णय लिया.

चोर ने लौटाये मेरे सर्टिफिकेट

इस दौरान सीपी डा. उपाध्याय ने भी अपने साथ हुए किस्से सुनाये. उन्होंने कहा कि मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान किसी ने उनका बैग चुरा लिया था जिसमें मेरी पत्नी का दिया कंबल और मेरे सारे डाक्यूमेंट थे. मुझे वह कंबल बहुत पसंद था क्योंकि पत्नी ने बड़े ख्याल से दिया था. कुछ दिनों बाद मुझे एक स्पीड पोस्ट पार्सल मिला जिसमें मेरे सारे डाक्यूमेंट्स थे जो निश्चित तौर पर उसी चोर ने भेजे थे. यदि उसे ब्लैंकेट की स्टोरी पता होती तो वह भी भिजवा देता. कार्यक्रम में एडिशनल सीपी रवीन्द्र कदम समेत सभी जोन के डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही.

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