Home महाराष्ट्र नासिक 20 दिनों में बेचे गए प्याज को मिलेगा अनुदान

20 दिनों में बेचे गए प्याज को मिलेगा अनुदान

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देवला, सं. सरकार ने प्याज को प्रति क्विंटल 200 रुपए अनुदान घोषित किया है, लेकिन उसके लिए निश्चित किया गया समय किसानों को पीड़ादायी और अन्यायकारक है. इसमें भी व्यापारियों द्वारा की गई मदद से केवल 20 दिनों में बेचे गए प्याज को अनुदान का लाभ मिलने वाला है. सरकार ने डेढ़ माह का दिखावा कर देवला मंडी समिति में प्याज बिक्री करने वाले किसानों के जख्म पर नमक लगाने का काम किया है. भारतीय बाजार के अंतर्गत और श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगाणिस्तान आदि प्रांत का प्याज बड़े तौर पर बिक्री होने से प्याज के दाम बड़े तौर गिर गए. इससे सबसे अधिक नुकसान नाशिक जिले के प्याज उत्पादन के लिए पहचाने जाने वाले कसमादे पट्टे के प्याज उत्पादक किसानों को हुआ. कसमादे पट्टे में प्रमुख रूप से गर्मी के प्याज का बड़े तौर पर उत्पादन होता है. गर्मी का प्याज निकालने के बाद 6-8 माह के लिए चाल में रखा जाता है. दरमियान जरूरत के नुसार प्याज बैचा जाता है, लेकिन इस साल की शुरुआत से ही सही दाम नहीं मिले. कई किसानों ने मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्य के चुनाव के बाद प्याज के दाम में सुधार होगा इस अपेक्षा से गर्मी का प्याज नहीं बैचा. दरमियान प्याज के दाम बढ़ने के लिए किसानों ने आंदोलन किए. इसके बाद सरकार ने आननपानन में 1 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच प्याज बैचने वाले किसानों को शर्त पर 200 रुपए प्रति क्विंटल अनुदान घोषित किया, लेकिन प्याज बिक्री का जो समय निश्चित किया है इससे किसानों हताश हो गए है. देवला मंडी समिति में नवंबर माह में 69 हजार 225 क्विंटल गर्मी और लाल प्याज की बिक्री हुई. तो 15 दिसंबर तक 78 हजार 463 क्विंटल प्याज बिक्री हुई. 1 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच 1 लाख 47 हजार 699 क्विंटल प्याज की बिक्री हुई, लेकिन इस बीच मंडी विविध कारनों के चलते 25 दिन बंद थी. 3 से 13 नवंबर ऐसे 11 दिन 4 शनिवार-रविवार छोडे तो 3 दिन दिपावाली व 4 दिन व्यापारियों ने अर्ज देकर मंडी बंद की. इसके बाद 17, 18, 20, 21 23, 24, 25 और 27 ऐसे कुल 19 दिन प्याज की नीलामी बंद थी. तो दिसंबर माह के 15 तारिख तक 6 दिन नीलामी बंद थी. कुल मिलाकर 45 दिनों में 25 दिन मंडी बंद थी. नवंबर के 11 और दिसबर के 9 ऐसे 20 दिन प्याज की नीलामी शुरू थी. इस स्थिती की तुलना करें तो औसतन प्रति दिन 3 हजार क्विंटल प्याज की बिक्री हुई और हजारो क्विंटल प्याज बगैर नीलामी के सड़ता रहा. इसका नुकसान देवला सहित जिले के अन्य तहसीलों के प्याज उत्पादकों को सहना पड़ेगा. इसलिए सरकार ने जनवरी आखिर तक प्याज बिक्री करने वाले किसानों को अनुदान के लिए पात्र घोषित करना चाहिए. इस स्थिती के बारे में अपनी प्रतिक्रया देते हुए भऊर के प्याज उत्पादक चिंतामण पवार ने कहा कि सरकार ने प्याज अनुदान का दिखाया किया है. परंतु प्रत्यक्ष में दिया गया समय और इस दौरान कितने दिन मंडी शुरू थी, जिसका विचार करना आवश्यक है. देवला मंडी समिति के सभापति के केदा आहेर ने कहा, अनुदान के लिए प्याज बिक्री को मुदद बढ़ोतरी मिले इसलिए शिष्टमडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी दी जाएगी.

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