Home महाराष्ट्र मुंबई प्याज उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 200 रु. अनुदान की घोषणा

प्याज उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 200 रु. अनुदान की घोषणा

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फडणवीस मंत्रिमंडल के कुछ महत्वपूर्ण फैसले

 

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. फडणवीस सरकार के मंत्रिमंडल की कैबिनेट मीटिंग में जो निर्णय लिए गए, उनमें से प्रमुख हैं प्याज उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 200 रु. के हिसाब से अनुदान, बजट अधिवेशन की तारिखों में बदलाव के लिए राज्यपाल से आग्रह और राज्य की नई वस्त्रोद्योग नीति 2018-23 में संशोधन.

प्याज उत्पादकों को राहत

राज्य सरकार ने तय किया है कि वह प्याज उत्पादकों को प्रति क्विंटल 200 रु. के हिसाब से अनुदान देगी. यह अब तक की सबसे बड़ी सहायता राशि होगी. 1 नवंबर से 15 दिसंबर तक की कालावधि में बिक्री करने वाले प्याज उगाने वाले किसानों को यह सहायता मिलेगी. इसके लिए कुल 150 करोड़ रु. की व्यवस्था की गई है. लगभग 75 लाख मेट्रिक टन प्याज की फसल को यह सहायता दी जाएगी. इसके अलावा प्याज की फसल को लेकर सर्वसमावेशक नीति तय करने का भी मुख्यमंत्री देवेंद्र ने निर्देश दिया.

अधिवेशन की तारीखें बदली जाएं

इसके अलावा राज्यपाल से आग्रह किया जाएगा कि वे बजट अधिवेशन की तारीख 18 फरवरी से बढ़ा कर 25 फरवरी कर दें. राज्य की जो नई वस्त्रोद्योग नीति है, उसमें समयानुसार कुछ सुधार किए जाने का भी फैसला लिया गया. अहमदनगर जिले के राहता में दिवानी न्यायालय की स्थापना करने और उसके लिए आवश्यक पदों के सृजन को बैठक में मान्यता दी गई.

परिवहन मंत्रालय में कई नए पद

एक और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत रास्ता सुरक्षा से संबंधित राज्यस्तरीय कामकाज को देखने के लिए राज्य स्तर पर शीर्ष संस्था की स्थापना किए जाने सहित इस संस्था में सह परिवहन आयुक्त, परिवहन आयुक्त, उप अधीक्षक, सहायक पुलिस आयुक्त जैसे पदों का निर्माण किया जाएगा.

होमी भाभा विवि को मान्यता

महाराष्ट्र सार्वजनिक विद्यापीठ अधिनियम -2016 की व्यवस्था के अनुसार विद्यापीठों के लिए विद्याशाखा अधिष्ठाता के पद निर्मित किए जाएंगे. राज्य के स्वअनुदानित विवि से संबंधित विषयों की व्यवस्था के लिए मार्गदर्शक सूचनाओं में सुधार किए जाने का भी निर्णय लिया गया है. विभिन्न विवि के विज्ञान और प्रौद्योगिकी संकाय वाणिज्य और व्यवस्थापन , मानव संसाधन विभाग जैस विभागों के लिए डीन के पदों का सृजन. इसके अलावा सरकारी विज्ञान संस्था, मुंबई, सिडनहैम कालेज, मुंबई,एलफिस्टन कालेज और सरकारी बीएड कालेज का समावेश कर होमी भाभा विश्वविद्यालय को मान्यता देने का भी फैसला लिया गया. इसके अंतर्गत रोजगार पैदा करने में पूरक पाठ्यक्रमों का संचालन होगा. इससे शैक्षिक गुणवत्ता सुधरने में मदद मिलेगी.

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