Home विदर्भ गडचिरोली लोगों ने जलाए नक्सलियों के बैनर

लोगों ने जलाए नक्सलियों के बैनर

31
0
SHARE

गड़चिरोली. एटापल्ली तहसील के वटेपल्ली-गटेपल्ली सड़क के काम में लगे वाहनों को शुक्रवार की रात जलाने के बाद नक्सलियों ने धानोरा तहसील के पेंढरी व पुलखल में पीएलजीए सप्ताह के बंद में सहभागी होने के आह्वान के बैनर लगाए. लेकिन लोगों ने इस बैनर को जला दिया. रविवार से नक्सलियों का पीएलजीए सप्ताह शुरू हुआ है. इसके 2 दिन पूर्व ही नक्सलियों ने 16 वाहनों को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की. जिले के दुर्गम क्षेत्र में नक्सलियों ने बैनर व पर्चे फेंके. धानोरा तहसील के पेंढरी व पुलखल में बैनर लगाकर बंद में शामिल होने का आह्वान किया. लेकिन लोगों ने रविवार को पेंढरी व पुलखल मार्ग पर लगाए बैनर जला दिए. इस दौरान लोगों ने नक्सलियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की.

3 राज्यों की पुलिस कर रही संयुक्त कार्रवाई
महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तसीगढ़ राज्यों की सीमाओं पर तीनों राज्यों की पुलिस नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाइयां कर रही हैं. इसके कारण बौखलाए नक्सली अपनी मौजूदगी साबित करने के लिए फिर सक्रिय हो गए हैं. वहीं पुलिस ने भी नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन तेज कर दिया है. उधर, छत्तीसगढ़ के हिस्से के रेड कारीडोर में भी बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद होने की जानकारी मिली है. इसके लिए भी सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है. नक्सली पुलिस के साथ-साथ उन्हें मदद करने वालों को भी अपना दुश्मन मानते हैं. गत 12 दिनों में नक्सली 4 लोगों की हत्या कर चुके हैं. कई गांवों में लोग अब नक्सलियों के खिलाफ उतर आए हैं. गत जुलाई-अगस्त में नक्सलियों के शहीद सप्ताह के दौरान कई गांवों में विरोध किया गया.

एक नक्सली के कई नाम
नक्सली अपनी पहचान छुपाने के लिए कई नामों का सहारा ले रहे हैं. नक्सलियों के बड़े नेता गणपति के अन्य नाम मुपल्ला, लक्ष्मण राव, रमन्ना, श्रीनिवास, दयानंत, चंद्रशेखर, गुडसेददा, जीएस, मलन्ना, राजन्ना, बाल रेड्डी, राधाकिशन, जीपी, शेखर और सीएस है. नंबला केशव राव के कुछ अन्य नाम है. गगन्ना, प्रकाश, कृष्णा, विजय, केशव, बसवा और राजू. कमांडर मल्लोजुला कोटेश्वर राव ने भी अपने कई नाम रखे है. वह प्रल्हाद, मुरली, रामजी, श्रीधर, किशन, विमल, प्रदीप और जयंत दा के नाम से भी माओवादियों की गतिविधियों का संचालन करता है. नक्सल नेता कट्टम सुदर्शन को भी आनंद, बिरेन्दर, बिरेन्दर जती, मोहन टेकम, सुदर्शन, महेश, भास्कर, रमेश और एएन के नाम से जाना जाता है. नक्सल नेता मिशिर बेसरा को भी भास्कर, सुनिरमल, सुनील और विवेक के नाम से जाना जाता है. नक्सलियों के बीच किशन दा को प्रशांत बास, निर्भय, काजल, महेश के नाम से भी जाना जाता है. कोसा अपने साथियों के बीच गौतम, साधु, गोपन्ना, विनोद, बुचन्ना, कादरी और सत्य नारायण रेड्डी के नाम से भी मशहूर है. थिप्पारी तिरूपति को देवू, देव, संजीव, चेतन, रमेश और देवन्ना के नाम से जाना जाता है. नक्सल नेता जिंगू नरसिम्हा रेड्डी को जामपन्ना, जेपी और जयपाल के नाम से भी नक्सलियों के बीच जाना जाता है. अक्की राजू हरगोपाल भी साकेत, रामकृष्णा, गोपाल, आरके, एसवी, साकेत श्रीनिवास राव, पंथालू और संतोष के नाम से मशहूर है. 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले इन सभी प्रमुख नक्सल नेताओं में से अधिकाश का निवासस्थान आंध्रप्रदेश है. कुछ नेता पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, असम और कर्नाटक के भी रहने वाले है. दिल्ली पुलिस द्वारा 2009 में गिरफ्तार किए गए प्रमुख नक्सल नेता कोबाद घाडी को भी अपने साथियों के बीच राजन, महेश, कमल, सलीम और किशोर के नाम से जाना जाता था.

बड़ी हिंसक घटनाओं की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार गणपति के स्थान पर केशव राव को कमान मिलने का मतलब यही है कि आने वाले समय में नक्सली बड़े पैमाने पर हिंसक वारदातों को अंजाम देंगे. छत्तीसगढ़ में मंगलवार को हुए नक्सली हमले को इसी नजरिये से देखा जा रहा है. गड़चिरोली में शुक्रवार की रात 16 वाहनों को जलाया गया. एंटी नक्सल आपरेशन से जुड़े अधिकारी अपने इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान में ज्यादा सतर्कता बरतने की सूचना कर रहे हैं.

हावी हो रहा गगन्ना का गुट
हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए पहले भी गगन्ना ही फैसले ले रहा था. लेकिन राजधानी एक्सप्रेस को बंधक बनाने के कांड के बाद से किशन का गुट काफी हद तक खुद फैसले लेने लगा था. उस दौरान ट्रेन को बंधक बनाकर मीडिया में हल्ला मच गया था, जबकि गगन्ना का गुट हमेशा से तोड़फोड़, सुरक्षा बलों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने पर बल देता रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here