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44,000 मरीजों को दी संजीवनी

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भंडारा. अचानक निर्माण हुई परिस्थिति में मरीजों को अस्पताल तक ले जाने के लिए रिश्तेदारों को विविध समस्याओं का सामना करना पड़ता है. किंतु राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत शुरू हुई 108 एम्बुलेंस सेवा से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिली है. भंडारा जिले में 4 वर्ष में इस सेवा के माध्यम से 44,000 से अधिक मरीजों को नवसंजीवनी मिली है. जिले में अत्याधुनिक जीवनरक्षक संसाधनों से युक्त 3 एम्बुलेंस के साथ अन्य 8 एम्बुलेंस कार्यरत है. एम्बुलेंस सेवा जिला व्यवस्थापक डा. समीर शेंडे ने बताया कि पिछले 4 वर्ष में मरीजों को एम्बुलेंस शीघ्र उपलब्ध होन से कई मरीजों की जान बचाने में सफलता मिली है.

वर्ष 2014 में हुई थी शुरू
किसान बहुल, दुर्लभ तथा पिछड़े जिले के रूप में भंडारा की पहचान है. किसी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाते वक्त रिश्तेदारों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है. दुर्घटना हो अथवा कोई बड़ी घटना अस्पताल तक संबंधितों को शीघ्र पहुंचाया तो उसकी जान बच सकती है. इन्हीं प्रयासों के तहत भंडारा जिले में 2014 से शुरू हुई इस सेवा में अभी तक 44,369 मरीजों को अस्पताल तक समय पर पहुंचने में मदद हुई. भंडारा जिले में 11 एम्बुलेंस कार्यरत है. इनमें से 3 एएलएस तथा 8 बीएलएल एम्बुलेंस है. भंडारा जिला अस्पताल, तुमसर, साकोली, उपजिला अस्पताल, पालांदुर, लाखनी, लाखांदुर, पवनी, मोहाडी, सिहोरा के ग्रामीण अस्पताल तथा शहापुर एवं लेंडेझरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत यह एम्बुलेंस उपब्लध रहती है.

2018 में 17,000 ने लिया लाभ
एम्बुलेंस की आवश्यकता होने पर शीघ्र 108 क्रमांक पर संपर्क किया जाता है. इसके पश्चात केवल कुछ समय में ही एम्बुलेंस पहुंचती है तथा समीप के अस्पताल में ले जाती है.पहले वर्ष 2,327 मरीजों को सेवा दी गयी. तब से सेवा लेनेवाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है. 2015 में 6,350, 2016 में 8,475, 2017 में 9,229 तथा 2018 में 17,988 मरीजों ने इस सेवा का लाभ लिया. इसके पूर्व अस्पताल में जाने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता था. इसमें भी कोई भी स्वास्थ्य सुविधा सड़क पर नहीं मिलती थी. किंतु 108 एम्बुलेंस शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली. इस एम्बुलेंस में विशेषज्ञ डाक्टर रहने से आपातस्थिति में एम्बुलेंस में भी उपचार किया जा सकता है.

ऐसी है मरीजों की संख्या

सड़क दुर्घटना 4142

हमले 177

अग्निदग्ध 14908

हृदय विकार 81

गिरने से जख्मी 1266

बिजली करंट 46

दुर्घटना 129

अस्पताल के मरीज 21601

घातक दुर्घटना 75

आत्महत्या का प्रयास 26

अन्य 1080

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